खुल जायेंगी किताबें,
जब भी हिसाब होगा
इंसाफ़ का तराजू,
यीशु के हाथ होगा
1. जो भी तू कर रहा है
यीशु वो देखता है-2
हर पल का तुझको इंसां-2
देना हिसाब होगा…इंसाफ़ का…
2. आजा अभी भी मुड़कर
यीशु बुला रहा है-2
वर्ना ये याद कर ले,
तेरा ही नाश होगा…इंसाफ़ का…
3. कदमों में उसके रो ले,
फ़िदिया मसीह ने दिया
माफ़ी तू आज ले ले…इंसाफ़ का…
तौबा गुनाह से कर ले-2